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Saturday, 12 September 2026
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी सभी FIR रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन प्रदर्शनकारियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज संबंधित मामलों पर लागू होगा। अदालत ने कहा कि FIR रद्द करने का यह फैसला इस मामले के खास तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद काकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च भी वापस ले लिया है। संगठन की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार से मिले आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मार्च वापस लेने का निर्णय लिया गया।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया। अदालत ने साफ किया कि यह राहत इस शर्त पर दी जा रही है कि दोनों पक्ष अदालत के सामने हुए समझौते और दिए गए आश्वासनों का पूरी तरह पालन करेंगे।

दरअसल, NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। सरकार की ओर से 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम आवेदन दाखिल किया गया था, जिसमें इन मामलों को खत्म करने की मांग की गई थी।

सरकार ने अपनी याचिका में कहा था कि 25 जुलाई के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस प्रदर्शन से संबंधित 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। इसके बाद मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में यह बड़ा आदेश जारी किया।

इस फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है और फिलहाल जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े इन मामलों में दर्ज FIR को आगे बढ़ाने का रास्ता बंद हो गया है। हालांकि, आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को दी गई छूट इस आदेश में शामिल नहीं है।

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