Live
पंजाब-चंडीगढ़ में 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज चेतावनीपंजाब सरकार पहली अगस्त से खाटू श्याम, सालासर, वृंदावन और ऋषिकेश के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाएगी: CM भगवंत सिंह मानPM मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में नोएडा की युवती पर कार्रवाई, FIR दर्जचीन कृत्रिम सूरज बना रहा है और हमारे प्रधानमंत्री बच्चों पर FIR करवाने में व्यस्त हैं- केजरीवालमानसिक स्वास्थ्य लीडर दे रहे पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को नई मज़बूती; फेलोज़ के दूसरे बैच के लिए आवेदन अगस्त की शुरुआत में होंगे शुरूशुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयलपंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लिए सम्मानजनक शब्द ‘बीड़’ को शामिल करने के लिए एक्ट संशोधन करेगीभारतीय हॉकी टीम की जर्सी का बदला रंग, अब केसरिया जर्सी में नजर आएंगे खिलाड़ीपंजाब-चंडीगढ़ में 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज चेतावनीपंजाब सरकार पहली अगस्त से खाटू श्याम, सालासर, वृंदावन और ऋषिकेश के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाएगी: CM भगवंत सिंह मानPM मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में नोएडा की युवती पर कार्रवाई, FIR दर्जचीन कृत्रिम सूरज बना रहा है और हमारे प्रधानमंत्री बच्चों पर FIR करवाने में व्यस्त हैं- केजरीवालमानसिक स्वास्थ्य लीडर दे रहे पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को नई मज़बूती; फेलोज़ के दूसरे बैच के लिए आवेदन अगस्त की शुरुआत में होंगे शुरूशुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयलपंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लिए सम्मानजनक शब्द ‘बीड़’ को शामिल करने के लिए एक्ट संशोधन करेगीभारतीय हॉकी टीम की जर्सी का बदला रंग, अब केसरिया जर्सी में नजर आएंगे खिलाड़ी
Friday, 31 July 2026
Menu

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस सख्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिकों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा है कि केवल इस आधार पर किसी व्यक्ति या समूह से यह अधिकार नहीं छीना जा सकता कि वह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सिर्फ धरना या आंदोलन करने के कारण पुलिस द्वारा बल प्रयोग या अनावश्यक सख्ती को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन भी शामिल थे, ने मामले की सुनवाई की।

अदालत ने यह भी कहा कि जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, वहीं प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करना भी गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि पुलिस पर हमले के आरोप हैं तो इस संबंध में सरकार से भी जवाब मांगा जा सकता है।

बताया जा रहा है कि यह मामला NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन से जुड़ा है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने कथित तौर पर ज्यादती की और उन पर लाठीचार्ज किया।

सुप्रीम कोर्ट अब इन सभी याचिकाओं पर मंगलवार को एक साथ सुनवाई करेगा। इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं कि अदालत इस मामले में आगे क्या दिशा-निर्देश जारी करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *